वारंट क्या है और वारंट कितने प्रकार के होते है What is warrant & How many types of warrant
अरेस्ट वारंट एक गिरफ़्तारी का आज्ञा पत्र है जिसे कोर्ट द्वारा जारी किया जाता है एंव किसी व्यक्ति के विरुद्ध किसी स्पेसिफिक कृत्य के लिए जारी किया जाता है
वारंट न्यायलय के पास मौजूद एक शक्ति है जिसके द्वारा किसी व्यक्ति को उसके द्वारा किये गए कृत्य के लिए उसे न्यायलय के समक्ष प्रस्तुत होने को कहा जा सकता है यह अधिकारिता शक्ति न्यायलय के न्यायधीश व् मैजिस्ट्रेट दोनों के पास होती है इसे दोनों में से कोई भी वारंट जारी कर सकता है
वारंट कब या किस समय जारी किया जाता है
न्यायलय किसी व्यक्ति को उपस्थित होने के लिए पहले समन जारी करता है जिससे वह न्यायलय के समक्ष उपस्थित हो सके समन जारी होने के उपरांत भी यदि व्यक्ति समन से बच रहा हो और समन की अवहेलना कर रहा हो तब न्यायलय व्यक्ति के विरुद्ध वारंट जारी कर देता है और उसे गिरफ्तार करके न्यायलय के सम्मुख पेश किया जाता है वारंट क्या है और वारंट कितने प्रकार के होते है What is warrant & How many types of warrant
वारंट की समय अवधि
वारंट की अवधि के बारे में दंड प्रकिर्या सहिंता की धारा 70 के अधीन बताया गया है जिसमे जिस न्यायलय के द्वारा वारंट जारी किया जाता है उसी के द्वारा वह वारंट निरस्त किया जा सकता है तथा इस वारंट को जारी करने से निरस्त करने की अवधि कितनी भी क्यों न हो वह वारंट उस समय अवधि तक प्रवर्तन में रहता है उसे न्यायलय द्वारा ही निरसित किया जा सकता है
संग्य अपराध में पुलिस धारा 41 crpc के तहत बिना अरेस्ट वारंट के भी व्यक्ति को अरेस्ट कर सकती है व्यक्ति का किसी संदिग्ध गतिविधि में सलंगन होने पर या FIR दर्ज होने पर पुलिस अरेस्ट वारंट जारी करवाती है या किसी केस की सुनवाई में नहीं आने पर अरेस्ट वारंट जारी करवाया जाता है
व्यक्ति के द्वारा किये गए कृत्यों पर या FIR के दौरान न्यायलय पहले समन जारी करता है की वह न्यायलय के सामने पेश हो और उस वाद के विषय में जानकारी मुहैया करवाए यदि वह इससे बचता है तब उसे न्यायलय के सम्मुख पेश करवाने के लिए न्यायलय के न्यायधिशो या मजिस्ट्रेट द्वारा उस व्यक्ति के खिलाफ अरेस्ट वारंट जारी कर दिया जाता है वारंट क्या है और वारंट कितने प्रकार के होते है What is warrant & How many types of warrant
वारंट दो प्रकार के होते है
- जमानतीय वारंट – Bailable warrant
- गैर जमानतीय वारंट – Non Bailable Warrant
जमानतीय BAILABLE WARRANT
जिस व्यक्ति के खिलाफ यह वारंट जारी किया जाता है उसके लिए कुछ निश्चित राशी एंव प्रतिभूति की आवश्यकता होती है इस प्रतिभूति एंव राशी को अदा करने के बाद उस व्यक्ति को जमानत पर रिहा कर दिया जाता है
न्यायलय
- वारंट जारी करने वाले न्यायलय की अधिकारिता – न्यायलय जिस व्यक्ति को अरेस्ट करने के लिए वारंट जारी कर रहा है वह उसकी न्यायलय सीमा की अधिकारिता में होना चाहिए यदि क्षेत्राधिकार उस न्यायलय की अधिकारिता में नहीं होता है तो उस स्थिथि में वह वारंट डाक द्वारा किसी जिला कार्यपालक मजिस्ट्रेट या पुलिस अधीक्षक या पुलिस आयुक्त को भेज सकता है जिसकी अधिकारिता में वह क्षेत्र आता हो और उस अधिकारी के द्वारा वारंट की प्रकिर्या की कार्यवाही को आरम्भ करवाया जा सकता है
- न्यायलय द्वारा जिस अधिकार के द्वारा जिस वारंट की तामिल करवाई जाती है या अरेस्ट करवाया जाता है
- वह व्यक्ति जिसके विरुद्ध वारंट जारी किया गया है
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